POK में क्रांति की दस्तक! महंगाई और अत्याचार के खिलाफ भड़की जनता।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जनता अब खुलकर पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठा रही है। बेतहाशा बढ़ती महंगाई, राशन और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी किल्लत ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग शामिल हो रहे हैं। हड़ताल और बंद के कारण पूरे इलाके में जनजीवन ठप हो गया है। दुकानें बंद हैं, स्कूल-कॉलेज नहीं खुल रहे और सरकारी दफ्तरों पर ताले लटक रहे हैं। मुजफ्फराबाद से कोटली तक विरोध की लहर फैल चुकी है और प्रदर्शनकारियों के नारे सत्ता की नींव हिला रहे हैं।
इस आंदोलन की मांगें सिर्फ महंगाई तक सीमित नहीं हैं। यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संसाधनों पर न्यायपूर्ण हिस्सेदारी की मांग कर रहा है। अवामी एक्शन कमेटी के 38 सूत्रीय चार्टर में PoK विधानसभा से पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म करने की मांग भी शामिल है। सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है, शहरों की सीमाओं को सील कर दिया है और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पाकिस्तानी हुकूमत की बौखलाहट और दमन की नीति को उजागर कर रहे हैं। इस आंदोलन ने एक बार फिर PoK में पाकिस्तान के प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जल्द ही जनता की मांगों को सुना नहीं गया, तो यह विरोध एक बड़े जनआंदोलन में बदल सकता है।
















































































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