पाकिस्तानी हमले में तीन अफगान क्रिकेटरों की मौत, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जताया शोक, ट्रायंगुलर सीरीज से लिया नाम वापस!
अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के उरगुन इलाके में पाकिस्तान की ओर से किए गए एक हवाई हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में अफगानिस्तान के तीन होनहार क्रिकेटरों – कबीर, सिबगातुल्ला और हारून – समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ये तीनों युवा खिलाड़ी एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच खेलकर घर लौट रहे थे, जब यह दिल दहला देने वाली घटना हुई।
यह त्रासदी केवल एक सुरक्षा संकट नहीं, बल्कि अफगानिस्तान के उभरते हुए खेल जगत के लिए एक गहरा आघात बन गई है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने इस घटना को "राष्ट्रीय खेल प्रतिभा की अपूरणीय क्षति" बताया है। बोर्ड ने गहरा शोक जताते हुए पाकिस्तान के खिलाफ नवंबर में होने वाली टी20 ट्रायंगुलर सीरीज से नाम वापस लेने की घोषणा की। यह सीरीज पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच प्रस्तावित थी।
ACB के अनुसार, जिन युवाओं की जान गई, वे भविष्य में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने की काबिलियत और सपना दोनों रखते थे। "वे न केवल होनहार खिलाड़ी थे, बल्कि अफगानिस्तान क्रिकेट का भविष्य थे," बोर्ड ने अपने बयान में कहा।
इस हृदयविदारक घटना पर अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राशिद खान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा,
"खिलाड़ियों और निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। यह अमानवीय और बर्बर कृत्य है। हम चुप नहीं बैठेंगे। यह समय हमारे आत्मसम्मान और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा का है।"
राशिद ने ACB के फैसले को "साहसी और समयोचित कदम" बताया और कहा कि पूरा देश इस निर्णय के साथ खड़ा है।
घटना के बाद अफगानिस्तान में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ गई। दुनिया भर के कई क्रिकेटरों ने ट्वीट कर अफगान क्रिकेट समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त की। अफगान क्रिकेट फैंस और पूर्व खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों की याद में श्रद्धांजलि दी।
ACB ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा,
"कबीर, सिबगातुल्ला और हारून अफगान क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य थे। उनकी शहादत सिर्फ खेल नहीं, पूरे राष्ट्र की क्षति है।"
इस हमले ने एक बार फिर अफगानिस्तान में सुरक्षा और खिलाड़ियों की जान की हिफाजत जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में क्रिकेट से जुड़े लोग और आम नागरिक, सभी एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
















































































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