भारत-चीन के बीच नया तनाव: रेयर अर्थ मेटल सप्लाई पर संकट, रूस बना उम्मीद की नई किरण!
भारत और चीन के बीच भू-राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर एक और नया विवाद सामने आता दिख रहा है। चीन ने रेयर अर्थ मेटल्स और परमानेंट मैग्नेट्स की सप्लाई पर और कड़े नियंत्रण लागू कर दिए हैं। यह वही दुर्लभ धातुएं हैं जो मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, विंड टर्बाइन, डिफेंस उपकरण और हाईटेक इंडस्ट्री में बेहद अहम भूमिका निभाती हैं।
चिंता की बात यह है कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 65% रेयर अर्थ मेटल चीन से आयात करता है। ऐसे में चीन की यह नई नीति भारत की सप्लाई चेन को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है। लेकिन इस बार भारत ने रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाया है।
रूस में तलाशे जा रहे नए विकल्प
इस संकट के बीच एक सकारात्मक खबर सामने आई है — भारत ने चीन पर निर्भरता कम करने के लिए रूस के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर काम शुरू कर दिया है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और रूस के बीच रेयर अर्थ प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को लेकर प्रारंभिक बातचीत चल रही है। केंद्र सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है, ताकि "आत्मनिर्भर भारत" की सोच को वैश्विक संसाधनों तक विस्तार दिया जा सके।
कौन-कौन हैं इस साझेदारी में शामिल?
भारत की ओर से Lohum और Midwest नामक दो निजी कंपनियों को रूस से बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं तकनीकी और वैज्ञानिक स्तर पर, CSIR, IIT (ISM) धनबाद, और IMMT भुवनेश्वर को रूस की प्रोसेसिंग तकनीकों का मूल्यांकन करने का कार्य सौंपा गया है।
रूस की ओर से सरकारी कंपनियाँ Nornickel और Rosatom इस साझेदारी में हिस्सा ले सकती हैं। ये दोनों कंपनियाँ दुनिया के कुछ सबसे उन्नत मेटल प्रोसेसिंग प्लांट्स में से हैं।
चीन का दबदबा, लेकिन अब चुनौती तैयार
फिलहाल चीन के पास वैश्विक रेयर अर्थ प्रोसेसिंग का लगभग 90% नियंत्रण है। लेकिन रूस और भारत की इस नई साझेदारी से यह एकाधिकार टूटने की दिशा में पहला ठोस कदम हो सकता है।
भारत में निवेश की योजना
इसके अलावा, भारत सरकार 7,350 करोड़ रुपये की एक नई योजना पर भी काम कर रही है, जिसका उद्देश्य देश में ही रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) का उत्पादन शुरू करना है। यह पहल भारत को टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बना सकती है।
















































































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