पांच राज्यों में शुरू हुई SIR प्रक्रिया — चुनाव आयोग ने पारदर्शी मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव की तैयारी तेज की!
बिहार के बाद अब देश के पांच प्रमुख राज्यों — असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल — में SIR (Special Summary Revision) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने इन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक, समावेशी और त्रुटिरहित हो।
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक में चुनाव आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में इस प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEOs) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs) शामिल हुए। आयोग ने SIR की बारीकियों, तकनीकी जरूरतों और पारदर्शी चुनावी व्यवस्था की दिशा में की जाने वाली तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की।
अप्रैल-मई 2026 में चुनाव, आयोग ने दी विशेष तैयारी के निर्देश
बैठक में केंद्रीय चुनाव आयुक्तों ने विशेष रूप से उन पांच राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की, जहां अगले वर्ष अप्रैल-मई 2026 में विधानसभा चुनाव निर्धारित हैं। चर्चा का मुख्य उद्देश्य पारदर्शी और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को सुनिश्चित करना था।
हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए BLO (Booth Level Officer), ERO (Electoral Registration Officer), DEO (District Election Officer) और AERO (Assistant Electoral Registration Officer) जैसी इकाइयों का गठन और उनका समुचित प्रशिक्षण प्रमुख प्राथमिकता होगी।
डिजिटल माध्यम और जागरूकता पर जोर
बैठक में आयोग ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग, मतदाता जागरूकता अभियान और शिकायत निवारण के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इससे मतदाता सूची निर्माण की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
संवैधानिक प्रावधानों का पालन अनिवार्य
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान सभी संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी मतदाता के अधिकारों का उल्लंघन न हो।
आयोग की शीर्ष प्राथमिकता — समय पर तैयार मतदाता सूची
बैठक का निष्कर्ष यही रहा कि इन पांचों राज्यों में समयसीमा के भीतर मतदाता सूची को दुरुस्त और अद्यतन किया जाए। आयोग का लक्ष्य है कि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक, समावेशी और त्रुटिरहित हो, जिससे चुनावी प्रक्रिया लोकतांत्रिक और निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न की जा सके।
इस व्यापक समीक्षा बैठक के बाद चुनाव आयोग ने संकेत दिए हैं कि अब सभी राज्यों में SIR की गति और निगरानी दोनों और भी सख्त और तेज़ होगी, ताकि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तैयारी समय पर पूरी की जा सके।
















































































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