IMF रिपोर्ट: अमेरिका के टैरिफ का भारत पर असर सीमित, 2025–26 में भारत चीन से आगे!
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की नवीनतम वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का भारतीय अर्थव्यवस्था पर खास असर नहीं पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2025–26 में दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा और इस दौरान चीन से भी तेज़ ग्रोथ करेगा। IMF ने चीन की विकास दर 2025–26 के लिए 4.8 प्रतिशत अनुमानित की है, जबकि भारत की GDP ग्रोथ 6.6 प्रतिशत रहने की संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की मजबूत घरेलू खपत, विनिर्माण गतिविधियों में सुधार और निजी निवेश ने अमेरिकी टैरिफ के असर को संतुलित किया। IMF ने नोट किया, “टैरिफ के प्रभाव अपेक्षा से कम गंभीर रहे, जिसके पीछे लचीली घरेलू मांग और व्यापार विविधीकरण महत्वपूर्ण कारक रहे।”
IMF के अनुमानों के मुताबिक, भारत की पहली तिमाही की मजबूत आर्थिक वृद्धि ने इस झटके को काफी हद तक झेल लिया है। इससे पहले अमेरिका ने भारतीय और चीनी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया था, जिससे वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, वास्तविक नुकसान सीमित रहा और भारत का आर्थिक आधार मजबूत बना रहा।
हालांकि, IMF ने भारत की 2026 में विकास दर का अनुमान घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। फंड का मानना है कि शुरुआती तेजी लंबे समय तक नहीं टिक सकती। FY25 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी और FY26 के लिए सरकार का अनुमान 6.3–6.8 प्रतिशत के दायरे में है। यह ग्रोथ तब हासिल हो रही है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ रही है।
IMF ने भारत की मजबूती का श्रेय घरेलू खपत, मैन्युफैक्चरिंग में सुधार और सेवा क्षेत्र के विस्तार को दिया। रिपोर्ट से निवेशकों और बाजारों में सकारात्मक सेंटीमेंट की उम्मीद जताई जा रही है। इस रिपोर्ट का असर अगले बाजार सत्र में देखा जा सकता है।
संक्षेप में, अमेरिकी टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और IMF की रिपोर्ट ने यह पुष्टि की है कि भारत 2025–26 में चीन से तेज़ आर्थिक वृद्धि वाला देश बनेगा।
















































































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