सीजफायर पर संकट: हमास के उल्लंघन से भड़का इजरायल, अमेरिका ने जताया समर्थन!
मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें एक बार फिर धुंधली पड़ती दिख रही हैं। इजरायल और हमास के बीच युद्ध खत्म हुए अभी 15 दिन भी नहीं बीते कि मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच फिर से हिंसा भड़क उठी। हालात ऐसे हैं कि अब यह कहना मुश्किल हो गया है कि सीजफायर (युद्धविराम) कब तक कायम रह पाएगा।
भारत में इजरायली दूतावास के प्रवक्ता गाइ निर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा कि इजरायल सीजफायर को तोड़ना नहीं चाहता, लेकिन अगर हमास समझौता तोड़ता है, तो जवाब देना मजबूरी होगी। News18 इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन हमास लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में उसने कई बार हमला किया है। मंगलवार को भी हमास के आतंकियों ने येलो बॉर्डर पार करके आईडीएफ सैनिक पर गोली चलाई — यह सीजफायर का सीधा उल्लंघन है।”
गाइ निर ने यह भी कहा कि अब जिम्मेदारी पूरी तरह हमास की है कि वह इस युद्धविराम को बचाए। अमेरिका और इजरायल दोनों चाहते हैं कि यह समझौता कायम रहे, ताकि गाजा और आसपास के क्षेत्रों में स्थिरता लौट सके।
वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री योआव कात्ज ने स्थिति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को दक्षिणी गाजा पट्टी के रफाह इलाके में हमास ने इजरायली सैनिकों पर हमला किया। इसके जवाब में इजरायली सेनाओं ने काउंटर-ऑपरेशन शुरू करते हुए कई हमास कमांडरों को मार गिराया और उनके ठिकाने तबाह कर दिए। कात्ज ने सख्त लहजे में कहा, “हमास के किसी भी नेता या आतंकी के लिए कोई संवेदना नहीं। जो हमारे सैनिकों पर हमला करेगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे।”
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “अगर हमास ठीक से व्यवहार नहीं करता, तो उसे पूरी तरह मिटा दिया जाएगा। इजरायल को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है, और अमेरिका उसके साथ खड़ा है।”
भारत-इजरायल संबंधों पर बात करते हुए प्रवक्ता गाइ निर ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं। उन्होंने कहा, “जब हमें मदद की जरूरत थी, भारत हमारे साथ था, और जब भारत ने पाकिस्तान के आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया, तो इजरायल ने भी समर्थन दिया। हम आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं।”
फिलहाल, गाजा में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। हमास के बढ़ते हमले और इजरायल की जवाबी कार्रवाई से लगता है कि शांति की राह अभी लंबी और कठिन है।
















































































Leave Your Message