तुर्की में मुस्लिम देशों की गुप्त बैठक, गाजा में अंतरराष्ट्रीय शांति बल बनाने की तैयारी?
गाजा में जारी तनाव और नाजुक युद्धविराम के बीच तुर्की के इस्तांबुल में एक अहम बैठक हुई, जिसमें कतर, सऊदी अरब, यूएई, जॉर्डन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और तुर्की के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य गाजा में अंतरराष्ट्रीय शांति बल (International Peace Force) बनाने पर चर्चा करना था। इस बल का मकसद युद्धविराम की निगरानी करना, मानवीय सहायता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना बताया गया।
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा, “गाजा के लिए प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय बल अभी पूरी तरह से गठित नहीं हुआ है। इसकी जिम्मेदारियों और संचालन पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। यह पहल अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन सभी देशों ने गाजा में स्थिरता लाने के लिए सहयोग का वादा किया है।” बैठक में कुछ देशों ने शांति रक्षक भेजने की भी तैयारी दिखाई, ताकि युद्धविराम के बाद गाजा में हालात सामान्य हो सकें।
हालांकि, युद्धविराम 10 अक्टूबर से लागू है, लेकिन इसके कई बार उल्लंघन की खबरें सामने आई हैं। गाजा की स्थिति अब भी बेहद नाजुक है और मानवीय संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच, इजरायल ने रेड क्रॉस को तीन बंधकों के शव सौंपे, जिन्हें दक्षिणी गाजा की सुरंग से बरामद किया गया। 10 अक्टूबर के युद्धविराम के बाद अब तक 17 बंधकों के शव वापस किए जा चुके हैं, जबकि 11 अभी भी गाजा में हैं। इजरायल ने शवों की पहचान प्रक्रिया में तेजी लाने की भी मांग की है।
मुस्लिम देशों की यह एकजुटता ऐसे समय में आई है जब गाजा को लेकर वैश्विक बहस तेज है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय शांति बल के गठन और संचालन में कई कूटनीतिक चुनौतियां अब भी सामने हैं।
















































































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