दिल्ली धमाके के बाद इस्लामाबाद में फिदायीन हमला, सुरक्षा पर उठे सवाल!
दिल्ली धमाके के कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी आतंक का तांडव देखने को मिला। शहर के डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स के बाहर हुए फिदायीन हमले में 12 लोगों की मौत और 27 अन्य घायल हो गए। हमले ने राजधानी में दहशत फैलाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस धमाके को ‘वेक अप कॉल’ करार देते हुए कहा कि यह पूरे पाकिस्तान के लिए युद्ध की स्थिति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हमले का मकसद पाकिस्तान में आतंक फैलाना और अफगानिस्तान की सरकार से एक संदेश देना था। ख्वाजा आसिफ ने कहा, "जो कोई भी यह सोचता है कि पाकिस्तानी सेना अफगान-पाक सीमा या बलूचिस्तान के सुदूर इलाकों में युद्ध लड़ रही है, उसे इस्लामाबाद के आत्मघाती हमले को गंभीर चेतावनी के रूप में लेना चाहिए।"
पाक गृह मंत्री मोहसीन नकवी ने हमले को फिदायीन हमला बताया और कहा कि हमलावर पहले कोर्ट के अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जब वह अंदर नहीं जा सका तो उसने पुलिस की गाड़ी को निशाना बनाया। नकवी ने जोर देकर कहा कि मामले की पूरी तरह जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजधानी में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं होगा।
इस्लामाबाद धमाके ने यह संदेश भी दिया कि आतंकवाद अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान पूरी ताकत से इस खतरे का सामना कर रहा है और कोई भी देश आतंक को बढ़ावा देकर पाकिस्तान के लोगों को डराने की कोशिश न करे।
















































































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