जस्टिस सूर्य कांत बने भारत के 53वें चीफ जस्टिस, हरियाणा के पहले CJI!
भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। जस्टिस सूर्य कांत ने 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के तौर पर पदभार संभाला। सुबह 10 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व चीफ जस्टिस बी आर गवई, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा स्पीकर, विभिन्न देशों के जज और जस्टिस सूर्य कांत के परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
जस्टिस सूर्य कांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में हुआ था। वे हरियाणा राज्य से आने वाले पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया हैं। 24 मई 2019 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक, लगभग 15 महीने का होगा। दो दशक से अधिक का न्यायिक अनुभव रखने वाले सूर्य कांत ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की है।
नई जिम्मेदारी संभालते हुए जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित 90,000 से अधिक मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने मध्यस्थता और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने पर जोर देने की बात भी कही। जस्टिस सूर्य कांत का कहना है कि उनके लिए वकील का कद मायने नहीं रखता, वे केस की फ़ाइल और कानूनी तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लेते हैं।
वह कई अहम मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, जिनमें बिहार SIR, शिवसेना चुनाव चिह्न विवाद, अवैध घुसपैठियों का निष्कासन और मुस्लिम तलाक के मामले शामिल हैं। जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को देश की अन्य महिलाओं के बराबर अधिकार दिलाने के लिए सुधार पर काम किया जाएगा।
















































































Leave Your Message