संसद शीतकालीन सत्र में SIR को लेकर हंगामा, विपक्ष ने उठाए लोकतंत्र पर सवाल
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद सदन को अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि SIR की वजह से बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) पर काम का दबाव बढ़ गया है और इसके पीछे वोट काटने की योजना है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी जल्दबाजी क्यों हो रही है और कहा कि कई जगह BLOs को फॉर्म भरने में भी परेशानी हो रही है, जबकि उन्हें उचित प्रशिक्षण नहीं मिला।
अखिलेश यादव ने कहा कि SIR लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए होना चाहिए, लेकिन बीजेपी इसका दुरुपयोग कर वोट काटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ड्रामा नहीं करने वाले’ बयान पर पलटवार किया और कहा, "ड्रामा कौन कर रहा है, आप सभी जानते हैं। ये जो BLO की जान जा रही है, ये ड्रामा है क्या? बीजेपी पुलिस के साथ मिलकर मतदाताओं पर दबाव डाल रही है।"
सपा मुखिया ने कहा कि बीजेपी के पास संसाधन और मतदाता सूचियों का पूरा डेटा है और वह 2024 में हारे हुए बूथों पर वोट काटना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस समय शादी का सीजन है, ऐसे में SIR क्यों किया जा रहा है और चुनाव आयोग बीजेपी का सपना पूरा कर रहा है।
सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचारों का विरोध नहीं है, लेकिन कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और जनता से जुड़े मुद्दों जैसे SIR और वोटर सूची की गड़बड़ी पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।















































































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