अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी: अब विदेश नीति किसी का दबाव नहीं मानेगी!
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को साफ कर दिया है कि काबुल अब अपनी विदेश नीति किसी बाहरी दबाव में नहीं चलाएगा। यह बयान तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुतक्की ने तब दिया, जब पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान-भारत बढ़ती नजदीकी को लेकर चिंता जताई जा रही थी। मुतक्की ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान अपने हितों के आधार पर देशों के साथ संबंध बनाएगा, न कि किसी पड़ोसी देश की पसंद के अनुसार।
मुतक्की ने राजनीतिक विश्लेषकों से कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान-भारत संबंधों से समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पाकिस्तान लंबे समय से अफगान विदेश नीति को नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन यह दौर अब खत्म हो चुका है।
अफगान विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक स्थिति पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में इतने केंद्र हैं कि यह समझना मुश्किल है कि फैसला कौन लेता है। मुतक्की ने बताया कि इसी अव्यवस्था के कारण पाकिस्तान के रिश्ते पड़ोसी देशों के साथ अक्सर तनावपूर्ण बने रहते हैं, जबकि अफगानिस्तान की अन्य सीमाओं पर संबंध सामान्य और व्यावसायिक हैं।
तालिबान ने पाकिस्तान पर हवाई क्षेत्र का उल्लंघन, सीमा व्यापार रोकना और शरणार्थियों के साथ गलत व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। मुतक्की ने कहा कि अफगानिस्तान ने धैर्य दिखाया है, लेकिन इसे कमजोरी समझना पाकिस्तान के लिए ठीक नहीं होगा।
इस बयान के बाद स्पष्ट हो गया है कि अफगानिस्तान अब स्वतंत्र निर्णय लेने के पक्ष में है, और किसी भी पड़ोसी देश की चिंता या दबाव इसे प्रभावित नहीं कर पाएगा।
















































































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