बांग्लादेश सीमा से सटे जिलों में सबसे ज्यादा संदिग्ध वोटर, चुनाव आयोग ने शुरू की जांच प्रक्रिया!
पश्चिम बंगाल में वंश मैपिंग के दौरान 1.36 करोड़ संदिग्ध वोटर्स का खुलासा हुआ है, जिनमें सबसे ज्यादा मामले मुर्शिदाबाद जिले से दर्ज किए गए हैं। मुर्शिदाबाद में लगभग 4.08 लाख संदिग्ध वोटर पाए गए हैं। इसके बाद दक्षिण 24 परगना में 3.78 लाख और उत्तर 24 परगना में दो लाख से अधिक संदिग्ध वोटर मिले हैं। ये जिले भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे हैं और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान फैमिली ट्री डेटा में असामान्यताएं सामने आने के कारण इन वोटरों को संदिग्ध माना गया।
मुख्य चुनाव अधिकारी के सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध वोटरों की दो मुख्य कैटेगरी हैं। पहली में ऐसे लोग शामिल हैं जिनके नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं थे जबकि उनकी उम्र 18 साल से अधिक थी। दूसरी में ऐसे वोटर हैं जो 15 साल या उससे कम उम्र में पिता बने और 40 साल से कम उम्र में दादा। कई मामलों में माता-पिता के नाम भी समान पाए गए। इन अनियमितताओं के कारण इन वोटरों की पहचान की गई और उन्हें जांच के लिए बुलाया जाएगा।
संदिग्ध वोटरों की सुनवाई दो चरणों में होगी। पहले चरण में उन ‘अनमैप्ड वोटरों’ को बुलाया जाएगा जिनका 2002 की लिस्ट से कोई लिंक नहीं है। दूसरे चरण में उन्हें डेटा में पाई गई असामान्यताओं के बारे में सवालों के जवाब देने के लिए बुलाया जाएगा। कुल मिलाकर अनमैप्ड वोटरों की संख्या लगभग 30 लाख है।
चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को प्रकाशित की थी, जबकि फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी। इसके तुरंत बाद ईसीआई आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करेगा। यह कदम पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
















































































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