मादुरो की गिरफ्तारी के बाद काराकस में गोलीबारी और ड्रोन अलर्ट, 80 मौतों का दावा; अमेरिका ने भूमिका से किया इनकार!
वेनेजुएला की राजधानी काराकस एक बार फिर गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा संकट के केंद्र में आ गई है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति भवन मिराफ्लोरेस पैलेस और उसके आसपास के इलाकों में भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई। स्थानीय मीडिया और चश्मदीदों के मुताबिक, देर रात अचानक फायरिंग शुरू हुई और आसमान में ड्रोन या हवाई जहाज जैसी आवाजें भी सुनी गईं। इसके साथ ही राजधानी के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आईं।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन के ऊपर अज्ञात ड्रोन उड़ते देखे गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने एहतियातन फायरिंग की। सरकारी अधिकारियों ने दावा किया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी बड़े खतरे को टाल दिया गया है। हालांकि, इस घटना ने पहले से अस्थिर हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजरें अमेरिका पर टिक गईं। व्हाइट हाउस ने तुरंत बयान जारी कर स्पष्ट किया कि इस गोलीबारी या कथित हवाई गतिविधि में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद, यह घटना 3 जनवरी को बताए जा रहे अमेरिकी ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुई बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मादुरो इस समय न्यूयॉर्क की एक जेल में हैं, जबकि वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े सैन्य अभियान और उसके बाद भड़की हिंसा में अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ-साथ कुछ आम नागरिकों और बच्चों के शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। वेनेजुएला में हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।















































































Leave Your Message