तुर्कमान गेट हिंसा: भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट बनी बवाल की वजह, महिला समेत 10 लोग पुलिस के रडार पर!
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि झड़प और पथराव की घटना के पीछे भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट की अहम भूमिका रही। इस मामले में अब तक 10 लोगों की पहचान की गई है, जिन्होंने कथित तौर पर उकसाने वाले पोस्ट किए थे। इन सभी को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा गया है। पुलिस के रडार पर एक महिला भी है, जिसकी पहचान ऐमन रिजवी के रूप में हुई है। वह जामिया इलाके की रहने वाली बताई जा रही है और उसे 8 जनवरी 2026 को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
यह घटना बुधवार तड़के उस समय हुई, जब दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) हाई कोर्ट के आदेश के बाद तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि मस्जिद को तोड़ा जा रहा है। इस अफवाह के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और हालात बेकाबू हो गए।
हिंसा के दौरान पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों पर पत्थर फेंके गए, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। अब तक चार पुरुषों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज तथा वायरल वीडियो क्लिप की गहन जांच की जा रही है ताकि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इलाके में फिलहाल शांति है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
















































































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