अंबरनाथ में कांग्रेस का झटका: 12 निलंबित पार्षद बने बीजेपी के साथ, भाजपा को बड़ा फायदा!
अंबरनाथ महानगरपालिका चुनाव में राजनीतिक खेल ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस आलाकमान ने 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया था, जिन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन करने की कोशिश की थी। लेकिन इस कार्रवाई का नतीजा उल्टा पड़ा और सभी निलंबित पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे अंबरनाथ अब पूर्ण रूप से कांग्रेस मुक्त हो गया।
दरअसल, अंबरनाथ में चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस ने गठबंधन किया था, लेकिन इस फैसले पर कांग्रेस आलाकमान नाराज हो गया और उन्होंने तुरंत 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया। निलंबित पार्षदों ने इस कार्रवाई का जवाब देकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इससे न केवल कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ, बल्कि शिंदे गुट भी अंबरनाथ से पूरी तरह दूर हो गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस गठबंधन पर नाराजगी जाहिर की थी। बीजेपी ने इसे अवसर के रूप में भुनाया और कांग्रेस के निलंबित पार्षदों के साथ मिलकर इलाके में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। अंबरनाथ कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि गठबंधन का पहला प्रस्ताव बीजेपी ने ही भेजा था, लेकिन राज्य कार्यालय को इस फैसले से अवगत नहीं कराया गया। यही कारण था कि आलाकमान ने कार्रवाई की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से बीजेपी का काम अंबरनाथ में आसान हो गया है। कांग्रेस की ओर से अंदरूनी झड़पों और निलंबन की कार्रवाई ने पार्टी की स्थिति कमजोर कर दी, जबकि बीजेपी ने इस मौके का फायदा उठाकर अपनी सियासी पकड़ मजबूत कर ली है। अब अंबरनाथ में कांग्रेस का प्रभाव नगण्य हो गया है और स्थानीय राजनीति में बीजेपी का वर्चस्व साफ दिख रहा है।















































































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