भारत-EU FTA पर मुहर: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से 200 करोड़ लोगों को फायदा, वैश्विक व्यापार में भारत की बड़ी छलांग!
भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर 27 जनवरी 2026 को औपचारिक मुहर लग गई। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुए 16वें भारत-EU समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने इस समझौते का ऐलान किया। पीएम मोदी ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताते हुए कहा कि इससे करीब 200 करोड़ लोगों को सीधा फायदा होगा।
यह समझौता दुनिया की करीब 25% GDP को कवर करेगा। EU की 22.5 ट्रिलियन डॉलर और भारत की 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ आने से दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। FTA के बाद कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 10% तक आएगा और ऑटो पार्ट्स पर शुल्क शून्य हो जाएगा। इससे भारतीय ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलेगा।
भारतीय फार्मा, टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर को यूरोपीय बाजारों में मजबूत पहुंच मिलेगी, जबकि IT प्रोफेशनल्स और सर्विस सेक्टर के लिए EU में नए अवसर खुलेंगे। डिफेंस और एविएशन सेक्टर में भी सहयोग बढ़ेगा, जिससे भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित होने में मदद मिलेगी।
यूरोपीय शराब, खाद्य उत्पाद और एविएशन से जुड़े सामान भारत में सस्ते होंगे, वहीं दोनों पक्षों की सप्लाई चेन आपस में और मजबूत होंगी। अनुमान है कि इस समझौते के बाद 2032 तक भारत-EU व्यापार दोगुना हो जाएगा। बदलते वैश्विक हालात में यह डील भारत को चीन के विकल्प के तौर पर मजबूत स्थिति में लाती है, इसी वजह से इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है।
















































































Leave Your Message