UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ JNU में प्रदर्शन, साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने किया पुतला दहन।
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के कैंपस में यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के खिलाफ छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन साबरमती हॉस्टल के बाहर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और नारेबाजी के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार फिलहाल यूजीसी के नए नियम लागू नहीं होंगे और वर्ष 2012 के नियम ही प्रभावी रहेंगे, जिस पर कुछ छात्र समूहों ने असहमति जताई।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और यूजीसी की नीतियों पर सवाल उठाए। इस दौरान ब्राह्मणवाद के विरोध में पुतला दहन किया गया और बैनरों व पोस्टरों के माध्यम से अपनी बात रखी गई। कुछ बैनरों और नारों को लेकर विवाद भी सामने आया, जिसे लेकर कैंपस के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन या किसी अन्य छात्र संगठन की ओर से तत्काल कोई प्रतिवाद दर्ज नहीं किया गया।
करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस प्रदर्शन में कई छात्रों ने भाषण दिए। वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षा से जुड़े अहम फैसलों में सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अतीत में मंडल आयोग और एससी-एसटी एक्ट जैसे मुद्दों पर भी विरोध हुआ था, लेकिन छात्रों और समाज के दबाव से बदलाव संभव हो सका।
छात्रों ने मांग की कि यूजीसी के नए नियमों में बनी समितियों को अधिक स्वतंत्रता दी जाए और शिक्षा नीति में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रदर्शन देर रात शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
















































































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