5 साल में कितना बदला प्रचार का तरीका? AI बड़ा हथियार, रील्स से लुभा रही पार्टियाँ।
बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर हमला करने के लिए एआई टूल का जमकर इस्तेमाल कर रही है। चुनावी कैंपेन का तरीका पिछले पाँच सालों मैं बहुत बदल गया है। टेक्नोलॉजी बहुत एडवांस हो चुकी है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का चुनावी शोर अब से कुछ देर बाद समाप्त हो जाएगा। दोनों राज्यों में 17 नवंबर को मतदान प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का 'देख रहा है प्रमोद' और मध्य प्रदेश में बीजेपी का 'एमपी के मन में मोदी' कैंपेन चर्चा में है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के तीन बड़े शहरों (इंदौर, भोपाल और जबलपुर) में जनता को साधने के लिए रोड-शो का सहारा लिया।
इस बार हिंदी हर्टलैंड के दोनों ही राज्यों के चुनावी कैंपेन में गारंटी की भी गूंज रही। जानकारों का कहना है कि गारंटी के सहारे दलों ने लोगों के विश्वास जीतने की कोशिश की है। एआई टूल का इस्तेमाल- कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे पर निशाना साधने के लिए एआई टूल से बनाए गए वीडियो का जमकर इस्तेमाल किया। बीजेपी ने दिग्विजय के जंगलराज और कमलनाथ के करप्शन को दिखाने के लिए एआई टूल के सहारे कई वीडियो बनवाए।
कांग्रेस ने अपनी योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए एआई टूल का सहारा लिया है। कांग्रेस की ओर से शेयर किए गए एआई टूल के एक वीडियो में कमलनाथ को भगवान हनुमान से आशीर्वाद लेते हुए दिखाया गया है। पार्टी युवाओं को लुभाने के लिए लगातार रील्स का सहारा ले रही है। पार्टी के अकाउंट से प्रत्येक दिन 10-15 रील्स शेयर किए जा रहे हैं। नेताओं के भाषण को भी रील्स में बदल कर शेयर किया जा रहा है।















































































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