चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन करे 'माँ गौरी' की पूजा, जाने पूजा विधि और शुभ मुहूर्त का समय।
आज चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन है। नवरात्रि के आठवें दिन का विशेष महत्व होता है। इस दिन को महा अष्टमी या दुर्गा अष्टमी भी कहा जाता है। नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है। कई लोग इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं। माता महागौरी अपने भक्तों को सुख और ऐश्वर्य प्रदान करती हैं।चैत्र नवरात्रि की अष्टमी या नवमी तिथि पर सुबह स्नानादि के बाद मां गौरी या सिद्धिदात्री की पूजा का संकल्प लें। साफ वस्त्र धारण करके पूजा प्रारंभ करें। देवी को पूजा में चंदन, रोली, मौली, कुमकुम, अक्षत, मोगरे का फूल, अवश्य अर्पित करें। देवी को उसका प्रिय भोग अर्पित करें।
दुर्गा अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा विधि
1 .. महाअष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
2 .. मां का ध्यान करें और उनकी प्रतिमा को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं।
3 .. कलश की पूजा और मां दुर्गा की आराधना करें।
4 .. मां को सफेद रंग के वस्त्र, पुष्प चढ़ाएं।
5 .. फिर देवी महागौरी को अक्षत्, सिंदूर, पीले फूल, फल, धूप, दीप, नैवेद्य, वस्त्र आदि चढ़ाएं।
6 .. देवी महागौरी को प्रसन्न करने के लिए नारियल का भोग लगाएं।
7 .. नारियल से बनी मिठाई, पूड़ी, हलवा, खीर, काले चने आदि भी अर्पित कर सकते हैं।
अष्टमी तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल, 2024 दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर हो चुकी है। वहीं इसका समापन 16 अप्रैल, 2024 दोपहर 01 बजकर 23 मिनट पर होगा।
इस दिन कई भक्त हवन और कन्या पूजन भी कराते हैं। कन्या पूजन का अष्टमी पर विशेष महत्व माना जाता है। हवन करते समय 'ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डयै विच्चै नमः' मंत्र का 108 बार जाप किया जाना शुभ माना जाता है। इस दिन माता महागौरी की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां महागौरी अष्टमी तिथि के दिन असुरों का वध करने के लिए प्रकट हुई थीं।
















































































Leave Your Message