अस्थमा में किस तरह की होती है समस्या, जाने इसके घरेलू उपचार। 

अस्थमा श्वांस प्रणाली से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। धूल धुआं एलर्जन भागदौड़ जैसे कारण अस्थमा की परेशानी को बढ़ा देते हैं। अस्थमा में सांस की नली सख्त या सिकुड़ जाती है और उसमें सूजन आ जाती है। इससे सांस लेते समय परेशानी महसूस होती है। सांस फूलने और खांसी (खासकर सूखी खांसी) की समस्या भी इसी कारण होती है। छाती में जकड़न महसूस हो सकती है और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आती है। धूल, धुएं से एलर्जी है, तो समस्या बढ़ जाती है, वहीं संक्रमण जैसे-सर्दी, जुकाम होने पर अस्थमा की तकलीफ बढ़ जाती है। अस्थमा फेफड़ों की एक पुरानी बीमारी है जो सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। 

अस्थमा किस तरह की होती है समस्या?
अस्थमा के कुछ सामान्य लक्षणों की बात करें तो सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सांस लेते समय आवाज आती है। ऐसी समस्या हो रही है तो अस्थमा की जांच करा लेनी चाहिए। इसमें पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (पीएफटी) से सही जानकारी मिल जाती है। इसी आधार पर डाक्टर अस्थमा को नियंत्रित करने के उपाय निर्धारित करते हैं। यह एक गंभीर बीमारी है जिसका इलाज करवाना बेहद जरुरी है।  

अस्थमा का घरेलू उपचार के लिए मरीजों को कुछ सामान्य बातों का रखना चाहिए ध्यान 

1 ..अस्थमा के मरीज को बारिश और सर्दी और धूल भरी जगह से बचना चाहिए। बारिश के मौसम में नमी के बढ़ने से संक्रमण बढ़ने की संभावना होती है।
2 .. ज्यादा ठण्डे और ज्यादा नमी वाले वातावरण में नहीं रहना चाहिए, इससे अस्थमा के लक्षण बढ़ सकते हैं।
3 .. घर से बाहर निकलने पर मास्क लगा कर निकलें।
4 .. सर्दी के मौसम में धुंध में जाने से बचें।
5 .. ताजा पेंट, कीटनाशक, स्प्रे, अगरबत्ती, मच्छर भगाने का कॉइल का धुआँ, खुशबुदार इत्र से जितना हो सके बचे।
6 .. धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।
7 .. इसके अलावा जीवनशैली और आहार में बदलाव लाने पर इन दमा के प्रभाव को कम किया जा सकता है। 

 

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